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Mohan Bhagwat, Acharya Lokesh addressed World Hindu Congress in Chicago PM Modi, Dalai Lama, Sri Sri Ravi Shankar gave message Religions supports Human Welfare and Development - Acharya Lokesh

09-09-2018

World Hindu Congress organised from 7 to 9 September 2018 to celebrate 125th Anniversary of historical speech given by Swami Vivekanand Ji at Parliament of World’s Religions in Chicago was inaugurated by RSS Chief Shri Mohan Bhagwat, Founder of Ahimsa Vishwa Bharti Acharya Dr. Lokesh Muniji, Swami Swarupanandji, Puranatmananda ji, Sadguru Dilipji and others. Prime Minister of India Shri Narender Modi send his message for the Congress. Eminent Spiritual leader HH Dalai Lama, Founder of Art of Living Sri Sri Ravi Shankar gave video message on the occasion. Honorable Vice President of India Shri M. Venkaiah Naidu has reached Chicago to address the Congress. Representatives of more than 60 countries took part in the program. Prime Minister Narendra Modi in the video message said that various aspects of Hindu philosophy can solve many problems present in front of the world. At the same time, he insisted on the use of technology to connect more and more people who believe in Hindutva. In his message to the second 'World Hindu Congress', Shri Modi said that we can better connect younger generation with Hindutva by bringing various ancient epics and scriptures in digital form. He said, "It will be great service for the next generation." Shri Modi said, "The manner in which thinkers, scholars, intellectuals, enlightened thinkers are brought together in this conference is commendable." The Prime Minister said that Hindutva is the oldest philosophy in the history of mankind. He said that in various aspects of Hindu philosophy, we can solve many world problems of present times. Shri Mohan Bhagwat, addressing the World Hindu Congress, appealed to the Hindus to unite, he said that they should work together for the betterment of humanity. Shri Bhagwat said that Hindus do not oppose anybody, they also let insects live. He said this is the right moment when we have to stop our descent. We are churning on how to develop. We are not a slave or oppressed country. India's people have a dire need of ancient intelligence. Bhagwat said that idealism is good, but that is not 'anti-modernism' and it is 'future beneficial'. He said, 'The important value of bringing the entire world as a team is to learn to control egos and to accept the consensus. Founder of Ahimsa Vishwa Bharti Acharya Lokesh Muni said that India has always shown world the path of spirituality. This was proved 125 years back by Swami Vivekananda and Shri Vir chand Raghav Ji Gandhi, and it is proved today by organisation of World Hindu Congress in Chicago city of USA. Through World Hindu Congress I want to send the message that all religions preach humanity. Religion has always taught us how to live together supporting each other. Since early civilization religion has always brought people together to move ahead towards development. Acharya Lokesh said that in 1893 Shri Vir Chand Raghav ji Gandhi represented Jain religion and today I got the golden opportunity to represent Jain Religion at World Hindu Congress. World Hindu Congress Coordinator Dr. Abhay Asthana and Chairman of the Economic Committee told that approximately 2000 representatives from 80 countries are participating in 'Second World Hindu Congress'. In the three day Mahakumbh from 7 to 9 September important discussions are being held in seven categories namely World Hindu Economic Forum, Hindu Educational Conference, Hindu Media Conference, Hindu Organisational Conference, Hindu Political Conference, Hindu Women Conference, Hindu Youth Conference. In this around 250 key speakers are expressing their views in various sessions.

मोहन भागवत, आचार्य लोकेश, ने शिकागो में विश्व हिन्दू कांग्रेस को संबोधित किया प्रधान मंत्री मोदी, दलाई लामा, श्री श्री रवि शंकर ने दिया सन्देश धर्म समाज को मानव कल्याण एवं विकास की ओर ले जाता है - आचार्य लोकेश

स्वामी विवेकानंद के विश्व धर्म संसद में शिकागो में दिए गए ऐतिहासिक संबोधन के 125 वें वर्ष पूर्ण होने पर 7 से 9 सितम्बर तक शिकागो शहर में आयोजित ‘विश्व हिन्दू कांग्रेस’ का उदघाटन राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सर संघ चालक श्री मोहन भागवत, अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश मुनि जी, स्वामी स्वरूपानन्दजी, स्वामी पूर्णात्मानंद जी, सद् गुरू दिलीपजी आदि ने किया | इस अवसर पर भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस अवसर पर सन्देश भेजा| प्रख्यात बौद्ध धर्मगुरू दलाई लामा आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक श्री श्री रविशंकर ने विडियों संदेश द्वारा सम्बोधित किया | कांग्रेस को संबोधित करने भारत के उपराष्ट्रपति महामहिम श्री वेंकैया नायडू शिकागो पहुँच चुके हैं | कार्यक्रम में 60 से अधिक देशों के हिंदू नेता शामिल हुए | प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने विडियों संदेश में कहा कि हिंदू दर्शन के विभिन्न पहलू विश्व के सामने पेश कई समस्याओं का हल दे सकते हैं | साथ ही उन्होंने हिंदुत्व के विचारों से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ने के लिए टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल पर ज़ोर दिया | मोदी ने यहां दूसरे ‘विश्व हिंदू कांग्रेस’ को भेजे अपने संदेश में कहा कि विभिन्न प्राचीन महाकाव्यों और शास्त्रों को डिजिटल स्वरूप में लाने से युवा पीढ़ी उनके साथ बेहतर तरीके से जुड़ सकेगी | उन्होंने कहा, “यह आने वाली पीढ़ी के लिए महान सेवा होगी|” श्री मोदी ने कहा, “यह सम्मेलन जिस प्रकार से विचारकों, विद्वानों, बुद्धिजीवियों, प्रबुद्ध विचारकों को एक साथ लाया है वो सराहनीय है|” प्रधानमंत्री ने कहा कि हिंदुत्व मानवजाति के इतिहास में सबसे पुराना मत है| उन्होंने कहा कि हिंदू दर्शन के विभिन्न पहलुओं में हम उन अनेक समस्याओं का हल निकाल सकते हैं जिन्हें विश्व ने आज जकड़ा हुआ है| श्री मोहन भगवत ने विश्व हिन्दू कांग्रेस को संबोधित करते हुए हिन्दुओं से एकजुट होने की अपील की, उन्होंने कहा वो एकजुट होकर मानवता की बेहतरी के लिए कार्य करे | श्री भागवत ने कहा कि हिन्दू किसी का विरोध करने के लिए नहीं जीते, वो कीड़े मकोड़ो को भी जीने देते हैं | उन्होंने कहा यह सही पल है जब हमें अपना अवरोहण रोकना है| हम इसपर मंथन कर रहे हैं कि उत्थान कैसे हो | हम कोई गुलाम या दबे कुचले देश नहीं है | भारत के लोगो को हमारी प्राचीन बुद्धिमता की सख्त जरुरत है | भागवत ने कहा कि आदर्शवाद की भावना अच्छी है, लेकिन वो ‘आधुनिकता विरोधी’ नहीं है और ‘भविष्य हितेषी’ है | उन्होंने कहा ‘पूरे विश्व को एक टीम के तौर पर लाने का महत्वपूर्ण मूल्य अपने अहम नियंत्रित करना और सर्वसम्मति को स्वीकार करना सीखना है | अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश ने कहा कि भारत अध्यात्म में क्षेत्र में विश्व का सदैव मार्गदर्शन करता रहा है | यह 125 वर्ष पूर्व स्वामी विवेकानंद जी और श्री वीरचंद राघव जी गाँधी ने साबित कर दिया था और आज द्वितीय विश्व हिन्दू कांग्रेस के शिकागो शहर में आयोजन से भी साबित हो रहा है | विश्व हिन्दू संसद के माध्यम से में यही सन्देश विश्व के कोने कोने में ले जाना चाहता हूँ कि धर्म मानवता की शिक्षा देता है | धर्म ने सदैव लोगो को एकसाथ रहना सिखाया है | सभ्यताओं के आरंभ से आज तक धर्म ने मनुष्य को एकजुट होकर विकास की ओर अग्रसर किया है | आचार्य लोकेश ने बताया कि 1893 में आयोजित विश्व धर्म संसद में श्री वीर चंद राघव जी गाँधी ने जैन धर्म का प्रतिनिधित्व किया था और आज मुझे शिकागो में आयोजित विश्व हिन्दू कांग्रेस में जैन धर्म का प्रतिनिधित्व करने का सौभाग्य मुझे प्राप्त हुआ| विश्व हिन्दू कांग्रेस के समन्वयक डा. अभय अस्थाना एवं आर्थिक समिति के चेयर डा. भरत बरई ने बताया कि ‘द्वितीय विश्व हिन्दू कांग्रेस’ में 80 देशों से लगभग 2000 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं | इस महाकुम्भ में मुख्य रूप से विश्व हिंदु आर्थिक मंच, हिंदु शैक्षणिक सम्मेलन, हिंदु मीडिया सम्मेलन, हिंदु संगठनात्मक सम्मेलन, हिंदु राजनीतिक सम्मेलन, हिंदु महिला सम्मेलन, हिंदु युवा सम्मेलन इन सात विषयों पर गंभीर मंथन होगा, जिसमें लगभग 250 प्रमुख वक्ता विभिन्न सत्रों में अपने विचार व्यक्त कर रहे हैं |