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On International Yoga Day ‘Conversation on Yoga for Peace’ Event held at UN Headquarters Acharya Lokesh talks about Yoga for World Peace and Harmony Yoga is symbol of Global Unity, Peace and Harmony – Acharya Lokesh

24-06-2018

On the occasion of 4th International Yoga day ‘Conversation with Yoga Masters on Yoga for Peace’ a two day event was organised at United Nations Headquarters. The panellists Founder of Ahimsa Vishwa Bharti Acharya Dr. Lokesh Muni, Padmashri Dr. H. R. Nagendra founder vice chancellor of Swami Vivekananda Yoga Anusandhana Samsthana, Peace Activists Eric Bowman, War Veteran John Bennett, Acharya Srinivasan of Sivananda Yoga Centre, Founder Deaf Yoga Foundation Lila Lolling, Founder VR Mystics, Producer ‘A Better World’ Mitchell J Rabin talked about their experiences and how to establish peace and harmony through ancient science Yoga. The event was organised by Permanent Mission of India to UN and UN Department of Public Information. Eminent people from different parts of the world took part in the program. Ambassador of Peace Acharya Lokesh said that after announcing June 21 as International Yoga Day by United Nations from 2015 with efforts of India, it is celebrated every year with great enthusiasm round the world. The awareness for yoga has increased in last four years and people of countries, lifestyle, language and climates are united due to yoga. Where people living on the snowy hills are doing Yoga, people living in the deserts are also practicing Yoga. Despite the differentiation of language, color, religion, sect, profession, everyone wants to adapt yoga; they want to include yoga in their daily routine. Yoga is a symbol of global unity, peace and harmony. Acharya Lokesh said that the ancient science of Yoga continues to be practiced by millions across the globe as they are benefitted by Yoga. The regular practice of Yoga has a direct and visible impact on improving physical and mental health and contributes to wider social harmony wellbeing. Yoga promotes the practice of sustainable lifestyle leading to a better harmony between the people and the planet.

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में ‘शांति के लिए योग पर बातचीत’ सम्मलेन का आयोजन आचार्य लोकेश ने योग के माध्यम से विश्व शांति व सद्भावना को संबोधित किया योग वैश्विक एकता, शांति और सद्भावना का प्रतीक – आचार्य लोकेश

संयुक्त राष्ट्र न्यूयॉर्क में चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन ‘शांति के लिए योग पर योग गुरुओं से बातचीत’ में अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डा. लोकेश मुनि, स्वामी विवेकानंदा योग अनुसन्धान के संस्थापक कुलपति पद्मश्री डा. एच.आर.नागेन्द्र, शांति कार्यकर्त्ता एरिक बोमन, युद्ध के वयोवृद्ध जॉन बेनेट, शिव्नान्दा योग सेंटर में आचार्य श्रीनिवासन डेफ योग फाउंडेशन की संस्थापक लीला लोल्लिंग, वी.आर. मीस्टिक के संस्थापक मधुसुदन, ‘अ बेटर वर्ल्ड’ के निर्माता मिशेल जे. राबिन ने अपने अनुभवों के आधार पर चर्चा की कि किस प्रकार प्राचीन योग के माध्यम से समाज में शांति व सद्भावना स्थापित की जा सकती है | सम्मलेन का आयोजन संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थाई मिशन एवं संयुक्त राष्ट्र के सार्वजानिक जानकारी विभाग के तत्वाधान में हुआ | कार्यक्रम के विश्व के कोने कोने से आए विशिष्ठ लोगो ने भाग लिया | शान्तिदूत आचार्य लोकेश ने कहा भारत के प्रयासों से 21 जून को संयुक्त राष्ट्र संघ द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस घोषित करने के साथ ही 2015 से प्रतिवर्ष यह सम्पूर्ण विश्व में उत्साह के साथ मनाया जाता है | इससे योग के प्रति विश्व जनमानस में जागरूकता बढ़ी है और अलग अलग देशों, जीवनशैली, भाषा, क्षेत्रों के लोग एक सूत्र में योग के माध्यम से जुड़ गए है | जहाँ बर्फीली पहाड़ियों पर रहने वाले लोग योग आसन कर रहे है वही रेगिस्तान में रहने वाले लोगों ने भी योग को अपनाया है | भाषा, रंग, धर्म , सम्प्रदाय, व्यवसाय की विभुन्नता के बावजूद भी सभी का योग के प्रति आकर्षण है उसे सबने अपनी दिनचर्या में शामिल किया है | यह वैश्विक एकता, शांति और सद्भावना का प्रतीक है | आचार्य लोकेश ने इस अवसर पर कहा कि आज विश्व के कोने कोने में लोग प्राचीन विज्ञान योग को अपना रहे है क्योगी यह उनके लिए लाभदायक है | योग के नियमित अभ्यास का सीधा असर शारीरिक और मानसिक स्वस्थ की बेहतर बनाने में तो होता ही है साथ ही इससे समाज भी स्वस्थ होता है | सामाजिक सद्भाव और शांति उत्पन्न करने में योग का महत्वपूर्ण योगदान है | योग के माध्यम से स्वयं को वातावरण और आसपास के लोगो के अनुकूल बनाने से समाज स्वस्थ बनता है | योग सतत जीवनशैली की और ले जाता ही जिससे लोगो और समाज के साथ बेहतर तालमेल उत्पन्न होता है |