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Ramesh Bhai Ojha, Acharya Lokesh and many saints inaugurated the International Vaishnav Convention in New Jersey Social Harmony and Development is possible through Spirituality - Acharya Lokesh

07-07-2018

International Vaishnava Convention was inaugurated by Vaishnavacharya Goswami 108 Shri Vrajraj Kumar ji, Eminent preacher Shri Ramesh Bhai Ojha, Founder of Ahimsa Vishwa Bharti Acharya Dr. Lokesh Muni, Vaishnavacharya Goswami 108 Shri Dhrumilkumar, Jagadguru Shrimad Vallabhacharyaji, Shri Hariprasad Swami ji Swaminarayan Mandir Sri Brahmavihari Swami Ji, Shri Jasbhai Saheb of Anupam Mission, President of Anupam Mission Swami Chidananda Saraswati Ji, Avichldas Maharajshri, Sadhvi Bhagwati and eminent religious leaders in New Jersey Convention and Exposition. Founder of Ahimsa Vishwa Bharti Acharya Lokesh Muni addressing the topic of 'love and happiness through spirituality' said that religion has three dimensions, worship, morality and spirituality. Following the moral values, when we are on the path of spirituality, love and happiness are created in the society. People worship but do not bring moral and character values in your life. This is the reason that many distortions are created in the society. Following the path of spirituality it is possible to social harmony and social development. Eminent preacher Shri Ramesh Bhai Ojha said that God understands the language of love. It is possible to reach god through good deeds, eternal truth and satsanga. Every individual in the society should be connected to religion and spirituality for social welfare. He said that the lives of the saints are dedicated to the welfare of the people and through the medium of the saints, God conveys his point of view to people. Many world famous saints will discuss spiritualism, religion and social welfare in the three-day convention.

रमेश भाई ओझा, आचार्य लोकेश व अनेक संतों ने किया अन्तर्राष्ट्रीय वैष्णव कन्वेंशन का न्यू जर्सी में उदघाटन अध्यात्म के माध्यम से सामाजिक एकता और विकास संभव - आचार्य लोकेश

अन्तर्राष्ट्रीय वैष्णव कन्वेंशन का उदघाटन वैष्णवाचार्य गोस्वामी 108 श्री वृज राज कुमार जी, प्रख्यात कथावाचक श्री रमेश भाई ओझा, अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डा. लोकेश मुनि, वैष्णवाचार्य गोस्वामी 108 श्री ध्रुमिलकुमार, जगद्गुरु श्रीमद वल्लभाचार्यजी, श्री हरिप्रसाद स्वामी जी, स्वामीनारायण मंदिर से श्री ब्रह्मविहारी स्वामी जी, अनुपम मिशन से श्री जस्भई साहेब, परमार्थ निकेतन के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती जी, अविचलदास महाराजश्री, साध्वी भगवती व अनेक प्रख्यात धर्म गुरुओं ने न्यू जर्सी कन्वेंशन एंड एक्सपोसिशन में किया | अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश ने ‘आध्यात्म द्वारा प्रेम और प्रसन्नता’ विषय को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म के तीन आयाम है, उपासना, नैतिकता और अध्यात्म | नैतिक मूल्यों का पालन करते हुए जब हम अध्यात्म के मार्ग पर अग्रसर होते हैं तो समाज में प्रेम और प्रसन्नता का संचार होता है | आप लोग उपासना तो करते है पर नैतिक और चारित्रिक मूल्यों को अपनी जीवन में नहीं उतारते यही कारण है समाज में अनेक विकृतियाँ पैदा हो रही है | अध्यात्म के मार्ग पर चलने से सामाजिक एकता व समाज का विकास संभव है | प्रख्यात कथाकार श्री रमेश भाई ओझा ने कहा कि परमात्मा प्रेम की भाषा समझता है और मिलता भी है | नित्य सत्कर्म और सत्संग से प्रभु की प्राप्ति होती है | समाज से उत्थान के लिए व्यक्ति विशेष का धर्म व अध्यात्म से जुड़ना जरुरी है | उन्होंने कहा संतों का जीवन लोक कल्याण के लिए समर्पित रहता है तथा संतों क माध्यम से ही भगवान अपनी बात जनमानस तक पहुंचाते है | तीन दिन तक चलने वाली कन्वेंशन में अनेक विश्व विख्यात संत अध्यात्म, धर्म और समाज कल्याण पर चर्चा करेंगे |