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Acharya Lokesh addressed International Yoga Day at United Nations PM Narendra Modi gave video message on the occassion India plays important role in taking Yoga to International masses- Acharya Lokesh

22-06-2018

4th International Yoga day was celebrated with great enthusiasm at United Nations Headquarters in which thousands of people and many organisations from all over the world took part. The large gathering at the event proved that the popularity of Yoga is growing every year round the globe. His Holiness Acharya Lokesh Muni who has participated in 1st International Yoga Day at United Nations Headquarters with United Nations General Secretary Ban-Ki-Moon and External affairs Minister of India Smt. Sushma Swaraj also addressed 4th International Yoga Day at United Nations Headquarters in New York. Prime Minister of India gave video message on the occasion. Syed Akbaruddin India's permanent representative at the United Nations, Padmashri Dr. H. R. Nagendra founder vice chancellor of Swami Vivekananda Yoga Anusandhana Samsthana, Yogguru Swami Maheshwaranand ji, Indian Yoguru in USA Shri Amrit Desai, Brahmakumari Binni Sarin and Yoga experts from the corner of the globe lead the yog session and also addressed the gathering of thousands of people. Shri Narendra Modi in his video message said the Yoga is a state of equilibrium. Yoga is not a religion or physical exercises but a lifestyle. Doing our day to day activities with complete vigilance and awareness is yoga. Free from illness towards wellness is the path of yoga. Acharya Lokesh Muni said that India is playing an important role in taking Yoga to world masses. Yoga shows us the path towards making of supreme human, prosperous society and peaceful world. Yoga leads to internal and external peace. Yoga brings physical, mental and spiritual development in a person. Through Yoga Negative thinking is destroyed and positive thinking is formed through Yoga. Through yoga body, mind and soul moves ahead with positive works. Syed Akbaruddin on the occasion said that Yoga is symbol of Unity and strength. Countries from different parts of the worlds are coming together for Yoga. Making Yoga part of education can solve many global problems. Social and personal development is possible through yoga. Padma Shri H. R. Nagendra said that Yoga is very important in our daily life. By adapting Yoga in our daily life the dream of healthy, peaceful and prosperous life can become true. Yoga brings all round development of a person. In today’s busy and hectic life disease are easily caught, to overcome this yoga asans and pranayam should be part of our daily routine.

आचार्य लोकेश ने संयुक्त राष्ट्र में अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस को संबोधित किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में विडियो सन्देश दिया विश्व के जनमानस तक योग को पहुँचाने में भारत की अहम् भूमिका – आचार्य लोकेश

संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में चौथे अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को उत्साह के साथ मनाया गया जिसमें दुनिया भर के कई संगठनों व हजारों की संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में भारी संख्या में उपस्थित लोगो ने साबित किया कि योग की लोकप्रियता हर साल दुनिया भर में बढ़ रही है। परम पावन आचार्य लोकेश मुनि जिन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासचिव बन-की-मून यमन भारत की विदेश मंत्री श्रीमंती सुषमा स्वराज के साथ संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय में प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस में भाग लिया ने संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय न्युयार्क में आयोजित आयोजित चौथे अन्तर्राष्ट्रीय योग दिवस को संबोधित किया| भारत के प्रधान मंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने इस अवसर पर वीडियो सन्देश दिया | संयुक्त राष्ट्र संघ में भारत के स्थाई प्रतिनिधि सैयद अकबरुद्दीन, स्वामी विवेकानंदा योग अनुसन्धान के संस्थापक कुलपति पद्मश्री डा. नागेन्द्र जी, योगगुरु स्वामी महेश्वरानन्द जी, अमेरिका में भारत के योगगुरु श्री अमृत देसाई, ब्रह्मकुमारी बिन्नी सरीन एवं विश्व के कोने कोने से पधारे योग विशेषज्ञों ने हजारों की संख्या में उपस्थित लोगो को योग कराया| अनेकों संस्थाओं के सहयोग से संयुक्त राष्ट्र संघ मुख्यालय पर आयोजित योग दिवस में लोगो ने न सिर्फ योग किया अपितो उपस्थित मह्नुभावों को मंत्रमुग्ध होकर सुना | श्री नरेंद्र मोदी ने अपने वीडियो संदेश में कहा कि योग संतुलन की स्थिति है। योग कोई धर्म या शारीरिक व्यायाम नहीं यह एक जीवन शैली है जिसको अपनाने से स्वस्थ, शांतिप्रिय व समृद्ध जीवन की कल्पना साकार हो सकती है| पूर्ण सतर्कता और जागरूकता के साथ हमारी दिन-प्रतिदिन की गतिविधियों को करना योग है। बीमारी से मुक्त होकर स्वस्थ जीवनशैली योग का मार्ग है। आचार्य डा. लोकेश मुनि ने इस अवसर पर कहा कि विश्व जनमानस तक योग को पहुँचाने में भारत की अहम् भूमिका है | योग से श्रेष्ठ मानव, समृद्ध समाज व शांतिप्रिय विश्व का निर्माण संभव है| योग से आन्तरिक व बाहरी शांति प्राप्त की जा सकती है| योग के माध्यम से नकारात्मक सोच नष्ट हो जाती है और सकारात्मक सोच योग के माध्यम से बनाई जाती है| योग शरीर के माध्यम से, मन और आत्मा सकारात्मक कार्यों के साथ आगे बढ़ती है। सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि योग एकता और ताकत का प्रतीक है| आज योग के माध्यम से विश्व के विभिन्न देश एक उद्देश्य से साथ जुड़े है | योग को शिक्षा से जोड़ने से अनेक वैश्विक समस्याओं का समाधान मुमकिन है| इससे व्यक्तिगत व सामाजिक विकास भी संभव है| पद्मश्री नागेन्द्र जी ने कहा कि योग का दैनिक जीवन में बड़ा महत्त्व है| योग से मनुष्य का शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक विकास होता है| भागदौड़ भरी जिंदगी में बीमारियाँ भी अपना पैर पसार रही हैं इन सबके बीच मनुष्य को यदि स्वस्थ रहना है तो योग आसन प्राणायाम को अपने जीवन में स्थान देना होगा | योग मात्र शारीरिक क्रिया नहीं है, वरन् यह एक सम्पूर्ण जीवन शैली को सुधारने का नाम भी है।