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Acharya Lokesh addressed the gathering at Toronto Jain Temple Scientific Jain Religion is contemporary and useful for World - Acharya Lokesh

03-11-2018

Ambassador of Peace Jain Acharya Dr. Lokesh Muni during his tour to Canada addressed the topic 'Relevance of the scientific Jain religion' in the Jain Society of Toronto. Acharya Lokesh addressing the gathering, said that Jainism is very relevant in the current global scenario, it is possible to solve many global problems by adopting Jain principles. Acharya Lokesh speaking about the scientific Jain religion, said that Jainism based on the Lord Mahavir's philosophy of non-violence, peace and harmony is more contemporary for humanity when people face many problems like violence, global warming, income inequality etc.. The principles of Lord Mahavira are also recognized by science. By adopting the lifestyle shown by him we can create a healthy, prosperous and happy society. Peace is essential for development; Parallel development of all sections of society can solve many social problems. He said that the deprivation and excessive availability are both harmful. By adopting Lord Mahavira's teachings, many contemporary social problems like environment and natural resources degradation, violence, war and terrorism, religious intolerance and economic exploitation can be solved. Acharya Lokesh said that Lord Mahavir has preached three paths of happiness: 'True faith, knowledge and conduct' which he adopted in his life too. During his life, he adopted the path of non-violence and self-effort, to solve all the burning social problems like discrimination against women, equal status to women in education and religion, no decimation on the basis of caste, creed and status, he said that All living beings are equal, and everyone has the capacity to achieve the highest state. Promoting self-effort (labor) and the principle of work, he eliminated animal sacrifice for religious purposes; to eliminate economic inequality he taught removal of ownership and replacing it with trusteeships. By adopting Jainism, solutions to problems like climate change and global warming is also possible. On this occasion, Mrs. Namita Dosi, secretary of the Toronto Jain Society, members Praful Shah and Piyesh Dosi, warmly welcoming Acharya Dr. Lokesh Muni said that it is a matter of pride for us that Acharyashree is representing Jainism in the Parliament of World’s Religion. They requested Acharya Ji to again visit Toronto.

आचार्य लोकेश ने टोरंटो जैन मंदिर मे सभा को संबोधित किया वैज्ञानिक जैन धर्म प्रासंगिक एवं विश्व के लिये उपयोगी – आचार्य लोकेश

कनाडा के प्रवास पर शांतिदूत जैन आचार्य डा. लोकेश मुनि टोरंटो की जैन सोसायटी में ‘वैज्ञानिक जैन धर्म की प्रासंगिकता’ विषय को संबोधित किया | उपस्थित सभा को संबोधित करते हुये आचार्य लोकेश ने कहा कि वर्तमान वैश्विक परिपेक्ष मे जैन धर्म बेहद प्रसंगगिक है, जैन सिद्धांतों को अपनाने से अनेक वैश्विक समस्याओं का समाधान संभव है | आचार्य लोकेश ने वैज्ञानिक जैन धर्म की के बारे में बताते हुये कहा कि भगवान महावीर के अहिंसा, शांति और सद्भावना के दर्शन पर आधारित जैन धर्म मानवता के लिए अधिक समकालीन है जब लोगों को हिंसा, ग्लोबल वार्मिंग, आय असमानता आदि जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। भगवान महावीर के सिद्धांत विज्ञान द्वारा भी मान्यता प्राप्त हैं। उनके द्वारा दिखाए गई जीवन शैली अपनाने से हम स्वस्थ, समृद्ध और खुश समाज का निर्माण कर सकते हैं | विकास के लिए शांति आवश्यक है, समाज के सभी वर्गों के समानांतर विकास से कई सामाजिक समस्याओं को हल किया जा सकता हैं | उन्होने कहा कि आभाव और अत्यधिक उपलब्धता दोनों हानिकारक हैं | भगवान महावीर शिक्षाओं को अपनाने से पर्यावरण और प्राकृतिक संसाधनों का ह्रास, हिंसा, युद्ध और आतंकवाद, धार्मिक असहिष्णुता और आर्थिक शोषण जैसे कई समकालीन सामाजिक समस्याओं को हल किया जा सकता है। आचार्य लोकेश ने कहा कि भगवान महावीर ने आनंद प्राप्ति के तीन मार्ग बताए हैं 'सही विश्वास, ज्ञान और आचरण' जो उन्होने अपने जीवन मे भी अपनाए | अपने जीवन के दौरान, उन्होंने महिला दासता, शिक्षा व धर्म मे महिलाओं को समान दर्जा, जाति, पंथ या जाति का भेदभाव किए बिना सभी को समान जैसी ज्वलंत समस्याओं को हल करने के लिए उन्होने अहिंसा और आत्म प्रयास जैसे मार्ग को अपनाया और कहा कि सभी जीवित प्राणी समान है, और सभी में उच्चतम अवस्था प्राप्त करने की क्षमता है | आत्म प्रयास (श्रम) और कर्म के सिद्धांत का प्रचार करे, धार्मिक उद्देश्यों के लिए पशु बलि को खत्म करें; आर्थिक असमानता खत्म करने के लिए अधिपत्य हटा कर ट्रस्टीशिप / दान लाये | जैन धर्म अपनाने से जलवायु परिवर्तन एवम ग्लोबल वार्मिंग जैसी समस्याओं का समाधान भी संभव है | इस अवसर पर टोरन्टो जैन सोसायटी की सेकेट्री श्रीमती नमिता डोसी, सदस्य प्रफुल शाह व पयेश डोसी ने आचार्य डॉ लोकेशमुनिजी का जैन सोसायटी टोरन्टो आगमन पर हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि आचार्यश्री वर्ल्ड रीलिजनन्स आफ पार्लियामेंट में जैनधर्म का प्रतिनिधित्व कर रहे है यह हमारे लिए गौरव का विषय है उन्होंने आचार्य श्री लोकेशजी को पुन: टोरन्टो आगमन के लिए पुरज़ोर प्रार्थना की।